गुरुवार, 27 जून 2024
लीक पर्चों के टॉपर
लगभग झंझोड़ते हुए पिता ने अपने बेटे से कहा- कब तक सोए रहोगे उठो आज तुम्हारी परीक्षा है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)
बजट के गजट की लपट
जब भी बजट बनता है, उसका लिखित प्रारूप होता है। इसके मौखिक और लिखित दो स्वरूप होते हैं। पहला मन-मन में बन जाता है, लेकिन दूसरा जब आता है तो ...
-
जब भी बजट बनता है, उसका लिखित प्रारूप होता है। इसके मौखिक और लिखित दो स्वरूप होते हैं। पहला मन-मन में बन जाता है, लेकिन दूसरा जब आता है तो ...
-
गुब्बारा और बुलबुला दोनों हवा के साथी है। जब तक हवा रहेगी दोनों का अस्तित्व रहेगा, लेकिन जैसे ही हवा विपरित हुई दोनों का वजूद खतम हो जाता ...
-
युवा साहित्यकारों के एक सम्मेलन में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र प्राप्त हुआ। इस निमंत्रण पत्र को पढ़कर आश्चर्य मिश्रित दु:ख हुआ। सम...