गुरुवार, 3 नवंबर 2022

सेल्‍फ स्‍टार्ट


                          (संजय भट्ट) 

जिस तरह से अस्‍त्र-शस्‍त्र, हथियार और मुख्तियार हुए उसी तरह से सेल्‍फ स्‍टार्ट का भी उदय हुआ। इसी श्रेणी से धीरे-धीरे मानव भी पहचाने जाने लगे। कुछ लोग रिमोट से चलते हैं और कुछ सेल्‍फ स्‍टार्ट होते हैं। जो सेल्‍फ स्‍टार्ट होते हैं, उन्‍हें रचनाधर्मी या क्रिएटिव कहा जाता है। कुछ लोग इनको एक्टिव भी कह देते हैं। लेकिन समाज में इनके दुश्‍मन भी बहुत होते हैं। जो सेल्‍फ स्‍टार्ट होते हैं, वह किसी की सुने बगैर जो जचे वही काम करते हैं और लगभग बहुमुखी प्रतिभा के धनी के होते हैं। वैसे यह अलग बात है कि इनका उपयोग सिर्फ एक स्‍टेपनी की तरह होता है, जो काम कोई नहीं करे, वहां इनको अटका दो, काम निकल जाएगा। जैसे ही काम निकला इनको स्‍टेपनी की तरह अगले काम के लिए सुरक्षित रख लो। सीधी भाषा में कहे तो माचिस की तीली की तरह इनको तत्‍काल बाहर कर दो। यदि इनको काम के बाद बाहर नहीं किया तो यह उस व्‍यक्ति पर भारी हो जाते हैं, जिसका संचालन इनके रिमोट से हुआ है।जब ये अपने सेल्‍फ स्‍टार्ट मोड में होते हैं तो सभी मुख्‍य आदमी को भूल कर इनसे ही सब पूछते हैं। जब इनसे पूछने लगते हैं, तो यह अपने आप को ही प्रमुख समझने लगते हैं। उसी प्रमुख की तरह सभी निर्णय लेना और अपने निर्णय से सभी को चलाना इनकी फितरत बन जाती है। बस इसी फितरत के कारण ही इनका उपयोग स्‍टेपनी की तरह होता है। 

यूं तो यह फुल प्रुफ प्रोटेक्‍शन देते हैं,लेकिन इनकी फितरत के कारण मात खा जाते हैं। इनका उपयोग डिस्‍पोज़ल की तरह होने लगा है। अपने काम के बॉस को कोई भी इस श्रेणी में पसन्‍द नही करते, क्‍योंकि कोई बॉस हो और सेल्‍फ स्‍टार्ट भी तो उसको चकमा देना कठिन ही नहीं नामुमकिन होता है। ये अपने हिसाब से चलते हैं और चाहते हैं कि सभी इनके हिसब से चलें, लेकिन काम करने वालों की तादाद में ज्‍यादातर काम को टालने की प्रवृत्ति वाले लोग पाए जाते हैं। इनको यह पसन्‍द नहीं होता है। सभी चाहते हैं एक एैसा बॉस हो जो किसी रिमोट से चले, जिसका कंट्रोल उनके हाथों में हो। किसी का भी कंट्रोल करना इतना आसान नहीं होता है। 

दरअसल सभी कार्यालयों में ऐसे दो-चार रिमोट होते हैं, जो अपने हिसाब से कंट्रोल करते हैं। सेल्‍फ स्‍टार्ट बॉस से सबसे ज्‍यादा समस्‍या इन्‍हीं रिमोट कंट्रोल को होती है। सेल्‍फ स्‍टार्ट बॉस के आने से ये कमजोर हो जाते हैं। वैसे ऐसा भी देखा गया है कि जो सेल्‍फ स्‍टार्ट होता है, उसको तेज चलने वाला या फिर फास्‍ट कार्ड के नाम से आजकल जाना जाने लगा है। इनको काम करने में काफी मशक्‍कत करना पड़ती है। क्‍योंकि जो रिमोट होते हैं जब उनका वजन कम हो जाता है तो वह अपने प्रभाव का दुरूपयोग कर इनके खिलाफ ऐसा माहौल पैदा कर देते हैं, जिससे लगता है कि यह जो कर रहे हैं या निर्णय ले रहे हैं वह गलत ही है। पीठ के पीछे तो सभी बॉस के कुछ-न-कुछ कानाफुसी चलती रहती है, लेकिन नेता टाइप के लोग इनको मुँह पर ही कह जाते हैं'साहब बहुत तेज चल रहे हो' अपना ध्‍यान रखना। यह भी देखा गया है कि सेल्‍फ स्‍टार्ट को उनके ऊपर के लोग भी ज्‍यादा पसन्‍द नहीं करते हैं, क्‍योंकि उनको लगता है अगर यह इतना अच्‍छा काम करके आगे बढ़ गया तो उनकी पूछपरख कम हो जाएगी। बस यही कारण होता है कि सेल्‍फ स्‍टार्ट किसी भी स्‍थान पर ज्‍यादा दिन का मेहमान नहीं रहता। इसे स्‍टेपनी की तरह चारों पहियों में कहीं-न-कहीं लगा कर काम निकाल लिया जाता है और फिर हटा दिया जाता है। 

इन दिनों टारगेट बेस्‍ड जॉब हो गए हैं और सेल्‍फ स्‍टार्ट की कमी। इसीलिए रिमोट की मार्केट वैल्‍यु इनसे ज्‍यादा है। चूंकि रिमोट- रिमोट होता है, वह किसी को भी बदल सकता है। यह भी कारण है कि जब रिमोट को तकलीफ होने लगती है, तो वह जुगाड़ भिड़ा कर सेल्‍फ स्‍टार्ट को हटवा देता है। ये सेल्‍फ स्‍टार्ट थोड़े अलग टाइप की प्रजाति के होते हैं, इनका उपयोग कहीं भी किया जा सकता है, यह बहुमुखी प्रतिभा को रखते हैं, तो इनका उपयोग भी बहुत है। जब आदमी में खासियत होती है तो खामियां भी होती है। इनमें भी एक बहुत बड़ी खामी यह होती है कि इनको प्रदर्शन दिखावा बहुत पसन्‍द होता है। तारीफ पसन्‍द भी होते हैं, इसलिए कुछ रिमोट का मानना है कि इनको बेवकुफ बनाना भी इतना ही आसान है, जितना कि नहीं बनाना। ये अपने आप को बहुत बड़ा समझदार समझते हैं और लोग इनको बेवकुफ तभी तो स्‍टेपनी की तरह युज एण्‍ड थ्रो की तरह उपयोग होते हैं। अब आप तय कर लें कि आपको सेल्‍फ स्‍टार्ट बनना है, रिमोट बनना है या फिर सेल्‍फ स्‍टार्ट का उपयोग कर अपनी गाड़ी को आगे धका कर इसे भूल जाना है।

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