गुरुवार, 10 नवंबर 2022
नाराजगी का ठींकरा
आखिर कितना भी कर लो कुछ-न-कुछ कमी रह ही जाती है। शादी-व्याह हो या कोई अन्य कार्यक्रम। शादी ब्याह में फूफा-जीजा नाराज तो कार्यक्रम में आयोजक या अतिथि नाराज। सब को मनाना एक के बस की बात नहीं होती है। ऐसा ही किसी कार्यक्रम के संचालक के साथ होता है। वह एक और उसके आगे पीछे कई। कोई न कोई तो नाराज हो ही जाता है। यह प्रोफेशनल संचालनकर्ताओं का ही धैर्य है,कि सभी को साध लेते हैं।
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Very nice