सोमवार, 20 फ़रवरी 2023
प्रक्रिया में उलझे काम
काम करने के सौ बहाने और नहीं करने का एक, लेकिन वह एक क्या है, जिससे सारे बनते काम बिगड़ जाते हैं। बहुत कोशिश के बाद पता चला कि वह एक काम है- प्रक्रिया। हमारे यहां सारे काम प्रक्रिया से ही पूर्ण होते हैं। कोई भी काम हो उसमें प्रक्रिया की उलझन हमेशा से रही है, लेकिन ये किसी को पता नहीं कि प्रक्रिया जितना काम सुधारती है, उससे कहीं अधिक काम को बिगाड़ देती है। प्रक्रिया में उलझ कर काम या तो समय सीमा में नहीं हो पाता है या उसको करने वाला परेशान हो जाता है। जब मामला ज्यादा उलझ जाता है और सभी प्रक्रिया में उलझ कर उल्टा सीधा कर बैठते हैं तो उस प्रक्रिया को बदल दिया जाता है। समय बीत जाता है लेकिन प्रक्रिया कभी पूर्ण नहीं होती। काम सामाजिक हो या सरकारी सारे प्रक्रिया के अधीन ही होते हैं।
मकान बनवाना था। मकान पुश्तैनी था, लेकिन काफी पुराना और जर्जर हो गया था। उसे बनवाने के लिए धन तो था नहीं लोन की सलाह मिल गई। मकान के लोन के लिए एप्लाई किया, ये फोटो कॉपी वो फोटो कॉपी, यह प्रमाण-पत्र वह प्रमाण-पत्र सब इकट्ठा किए गए। सर्वे करने वाले सर्वे भी कर गए। सारी जानकारी ली गई, लेकिन फिर वही प्रक्रिया की परेशानी में मामला अटक जाता। अपनी नौकरी के आधे समय में किए गए लोन के एप्लाई का नतीजा रिटायरमेंट के बाद आया कि पुश्तैनी मकान पर लोन नहीं मिलता जब तक वह आपके नाम का नहीं हो। बार-बार तलाश करने पर एक ही जवाब मिलता आपका काम हो जाएगा, बस प्रक्रियाएं पूर्ण कर दीजिए। आखिर थक हारकर रिटायरमेंट की राशि से मकान ठीक करवाना पड़ा।
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Very nice