(संजय भट्ट)
सोमवार, 5 दिसंबर 2022
वादा तेरा वादा
वादों का मौसम कभी खत्म नहीं होता है। कभी भी किसी से वादा कर सकते हैं। वादों का क्या है कभी भी टूट जाते हैं। सपने ही तो दिखाना है और फिर सपने भी किसी के साकार हुए है। रात गई बात गई की तरह होते हैं। वादों का मौसम आता है,खूब वादे होते हैं, खूब सारे सपने दिखाए जाते हैं और मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं की तरह वादों को भूलना होता है। कभी कोई याद भी दिला दे तो उसे मजाक में उड़ा दिया जाता है।
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Very nice