रविवार, 1 जनवरी 2023
मूर्खता का पैमाना
समाज के बदलते स्वरूप के साथ मूर्खता और चालाकी का पैमाना बदलता रहता है। कभी सभी की मदद करने वाले, सभ्य और सरल व्यक्ति को अच्छा माना जाता था, लेकिन आज के बदलते स्वरूप में यह पप्पू और लल्लू के नाम से जाना जाता है। कौन कितना मूर्ख है और कितना चतुर है इसके लिए एक उपनिषद वाक्य के अनुसार कहा गया है कि मूर्खस्य प्रमाणं किं, इदमस्य प्रमाणं। अर्थ यह कि कौन कितना मूर्ख है यह किसी से पूछा जाए यही इसका नापतौल है।
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Very nice