संजय भट्ट
बुधवार, 4 जनवरी 2023
नए साल का जश्न
नए साल का आगाज होने वाला था। युवाओं की प्लानिंग हो चुकी थी। सबने अपने-अपने हिसाब से जिम्मेदारी लेकर व्यवस्था जमा कर ली थी, बस सभी को इंतजार था रात का। सूरज अपने ढलान पर था और नए साल का जश्न मनाने वाले युवाओं के दिल धड़कनें बढ़ रही थी। सबने मिल कर स्थान का चयन कर लिया था। सभी को इस बार दिखाना था कि नए साल का जश्न कैसा होता है। जश्न मनाने वाले ज्यादातर शहरों से पढ़कर आए थे और उन्होंने वहां के जश्न का अंदाज देखा था। वे अपने गांव वाले कुछ साथियों को बताना चाहते थे कि नए साल का जश्न कैसे मनाया जाता है।
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Very nice