बुधवार, 11 जनवरी 2023
दौड़ते घोड़ों का टारगेट
यूँ तो टारगेट कई तरह के होते हैं, लेकिन इन दिनों सभी की नौकरी टारगेट के आधार पर हो गई है। लक्ष्य तय करने वाले व्यक्ति को यह पता होता है कि काम होना है, लेकिन इसके लिए क्या आवश्यक सुविधा है, कहॉं आवश्यक सुविधा नहीं है, यह लक्ष्य कैसे हांसिल होगा इसका कोई अनुमान नहीं होता है। मान लिया जाता है कि सभी के पास सुविधा है और सभी इसको आसानी से हांसिल कर लेंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं है। जब ऐसा नहीं होता है तो टारगेट तय करने वाले व्यक्ति का कुछ नहीं बिगड़ता। बिगड़ता है तो सिर्फ उसका जो उस टारगेट को हांसिल करने के लिए अपनी पूर्ण शक्ति का उपयोग कर के भी पीछे रह जाता है। सब कुछ घुड़दौड़ जैसा होकर रह गया है। सभी को एक ही लक्ष्य की मेरा घोड़ा आगे रहना चाहिए, लेकिन आगे तो सिर्फ एक को ही आना होता है बाकी सभी तो पीछे ही रहना है।
- संजय भट्ट
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Very nice