शुक्रवार, 10 मार्च 2023
संदेशों में समाए नोट के रंग
अर्थ बिना सब व्यर्थ है। आदिकाल से सब कुछ अर्थशास्त्र के बिना नहीं चल रहा है। मंहगाई के सदाबहार दौर में अब आदमी त्यौहारों की शुभकामनाओं में भी नोटों के रंगों को तलाशने लगा है। नोटों की लगातार गिरती साख और इनके कलरफुल स्वभाव ने इसे होली में रंगों से और महिला दिवस पर महिलाओं के स्वभाव से जोड़ दिया है।
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Very nice